वह कौन है !

कभी वह माँ जैसी ममता दिखाती है ,तो कभी छोटी बहन जैसी लड़ती है II कभी वह दादी जैसी बड़ी बड़ी बातें करती है ,तो कभी नादान बच्चे जैसी जिद्द…

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अनमोल रिश्ता

लड़ते हैं और झगड़ते है ,बिना सोना के बिना बाबू के मान जाते हैं llबहुत ही सुंदर वह रिश्ता है ,जिसे हम भाई कहते हैं ll

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” ऑनलाइन की दुनिया – खंड 2 – बचपन “

कभी साथ बैठ कर चोर पुलिस या क्रिकेट खेला करते थे ,वो माँ की डाँट से बचने के लिए समय से पहले घर आ जाया करते थे ,लेकिन अब तो…

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” ऑनलाइन की दुनिया – खंड 1- दोस्ती “

एक वक़्त था जब दोस्तों से मिलते थे तो बातें खत्म नहीं होती थी ,लेकिन अब ऑनलाइन का जमाना है बात तो दूर व्हाट्सप्प के स्टेटस से काम चल जाता…

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” शिक्षिका की विदाई “

अँधेरे में थे हम आपने रोशनी दिखाया ,जीवन में कुछ अच्छा बनने का सपना दिखाया II माँ ने मुझे जन्म दिया , आपने जीना सिखाया ,क्या सही क्या गलत है…

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” वक़्त “

कल क्या किया इतना क्यों सोचते हो ,आज मिला है फिर से आओ इसे जी लेते है !! देखो वक़्त की रफ़्तार आज फिर आ गया उतना ही समय लेकर…

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” मोबाइल की दुनिया “

II लिखना तो बहुत कुछ चाहता हूं लेकिन इस मोबाइल ने जीना हराम कर रखा है ,दूर बैठे लोगों को पास कर रखा है और पास बैठे लोगों को दूर…

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